*ग्रामवासियों में उत्साह, विकास की नई उम्मीदों के साथ संतु बंजारे को पुनः सरपंच बनाने की चर्चा जोरों पर*
छत्तीसगढ़ परिदर्शन -लवन।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के गहमागहमी के बीच ग्राम पंचायत खैरा-पहंदा में सरपंच पद के चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। इस चुनाव में सरपंच प्रत्याशी के रूप में खडे कुशल राजनीतिज्ञ संतु बंजारे को मिल रहा अपार जनसमर्थन साफ दर्शाता है कि ग्रामवासी एक बार फिर उन्हें सरपंच की जिम्मेदारी सौंपने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। गांव की गलियों से लेकर चौपालों तक, हर जगह केवल एक ही नाम की चर्चा हो रही है—संतु बंजारे। बतादे कि संतु बंजारे का नाम खैरा-पहंदा पंचायत में कोई नया नहीं है। वह पहले भी दो बार सरपंच रह चुके हैं और अपने कार्यकाल में उन्होंने गांव के विकास को प्राथमिकता दी। उनकी स्वच्छ छवि, मिलनसार स्वभाव और ईमानदारी ने गांव के लोगों का दिल जीता है। जनता का विश्वास इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने हमेशा ग्रामवासियों की भलाई के लिए काम किया है।
*खम्बे में ट्यूब लाइट चुनाव चिन्ह को लेकर गांव में जागरूकता*
चुनाव प्रचार के दौरान संतु बंजारे और उनके समर्थक खम्बे में ट्यूब लाइट चुनाव चिन्ह को लेकर घर-घर प्रचार कर रहे हैं। गांव के हर मोहल्ले में समर्थकों की टीमें सक्रिय हैं, जो ग्रामीणों को उनके चुनाव चिन्ह पर मोहर लगाने की अपील कर रही हैं। गांव में इस चुनाव चिन्ह को लेकर इतनी जागरूकता है कि छोटे बच्चे तक इसे पहचानने लगे हैं। संतु बंजारे के समर्थन में ग्रामीणों में जबरदस्त जोश है। कई लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी संतु बंजारे को सरपंच बनाकर देखा है और उनके नेतृत्व में गांव ने कई तरक्कियां की हैं, इसलिए इस बार भी उन्हें भारी मतों से जिताने का मन बना लिया गया है।
*अनेकों प्रत्याशी मैदान में, लेकिन जनता की पसंद सिर्फ संतु बंजारे*
हालांकि, इस बार सरपंच पद के लिए 10 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन जनता का झुकाव केवल संतु बंजारे के प्रति दिखाई दे रहा है । क्योंकि लोग जानते हैं कि केवल चुनाव लड़ने और जीतने की चाहत से कोई अच्छा नेता नहीं बनता। जनता ऐसे नेता को चुनना चाहती है, जो उनके विकास कार्यों में रुचि रखता हो, न कि केवल पद और सत्ता की महत्वाकांक्षा रखता हो। अपने पूर्व कार्यकाल में संतु बंजारे ने अपने पंचायत में काफी प्रगति की है। गांव की सड़कें, पेयजल व्यवस्था, शिक्षा और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं पर उनका विशेष ध्यान रहा है। उनका स्वभाव, ईमानदार छवि और लोगों के प्रति अपनापन ही वह गुण हैं, जो उन्हें बाकी प्रत्याशियों से अलग बनाते हैं गांव के लोगों का कहना है कि संतु बंजारे के कार्यकाल में उन्हें कभी प्रशासनिक कार्यों के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ा। सरकारी योजनाओं का लाभ गांव के सभी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचा।यही कारण है कि गांव के लोग एक बार फिर संतु बंजारे को सरपंच बनाना चाहते हैं।
*जनता की आशीर्वाद से एकतरफा जीत के आसार*
गांव के माहौल को देखकर ऐसा लग रहा है कि संतु बंजारे इस चुनाव में भारी मतों से विजयी होंगे। उनके समर्थन में जिस तरह से ग्रामीण खुलकर सामने आ रहे हैं, वह उनके प्रति जनता की आस्था को दर्शाता है। अगर ऐसा ही माहौल बना रहा, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि खैरा-पहंदा पंचायत में इस बार संतु बंजारे की एकतरफा जीत तय है।
अब चुनाव की घड़ी नजदीक है और ग्रामवासी पूरे उत्साह से खम्बे में ट्यूब लाइट चुनाव चिन्ह पर मुहर लगाने की तैयारी कर रहे हैं। संतु बंजारे के समर्थकों में जबरदस्त जोश है और वे अपने नेता को फिर से सरपंच की कुर्सी पर बैठाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। देखना दिलचस्प होगा कि मतदान के दिन जनता अपने विश्वास को वोट में बदलती है या नहीं, लेकिन मौजूदा हालातों को देखकर यह तय माना जा रहा है कि संतु बंजारे की जीत लगभग पक्की है।
